रविवार, 14 फ़रवरी 2010

श्री गणेश जीं को कोटि-कोटि नमन।





9 टिप्‍पणियां:

  1. इस प्रकार आधुनिक अर्थों में गणेश जी वेदव्यास जी के स्टेनो हुए :)
    मैने किसी स्टेनो का नाम लेखक के रूप में प्रकाशित होते नहीं देखा।

    यह बस एक चुहल है। वैसे गणेश जी की कृपा के बिना कोई शुभ कार्य सम्पन्न ही नहीं हो सकता। आप को गणेश जी एक सफल ब्लॉगर बनाएं यही हमारी हार्दिक शुभकामना है।

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  2. अंजलि जी, आदाब
    ब्लाग जगत में आपका स्वागत है

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  3. एक छ्होटा सा निवेदन - गीता का पूरा नाम श्रीमद् भगवदगीता है ना कि 'श्रीमद् भागवत गीता'. भगवत और भागवत में वही अंतर है जो वसुदेव और वासुदेव में.

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  4. स्वागत है आपका भी. शानदार प्रस्तुति. लगे रहिए.

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  5. कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,
    धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,
    कलम के पुजारी अगर सो गये तो
    ये धन के पुजारी
    वतन बेंच देगें।



    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में प्रोफेशन से मिशन की ओर बढ़ता "जनोक्ति परिवार "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . नीचे लिंक दिए गये हैं . http://www.janokti.com/ ,

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  6. नमस्कार,
    चिट्ठा जगत में आपका स्वागत है.
    लिखते रहें! शुभकामनाएं.

    [उल्टा तीर]

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